यूपी के इस थानेदार ने गांव को लिया गोद, बदल दी पूरी सूरत

यूपी के इस थानेदार ने गांव को लिया गोद, बदल दी पूरी सूरत

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राजेश यादवआम तौर पर पुलिस की कल्पना करते ही आम जनमानस के दिलों दिमाग मे डर और खौफ की तस्वीरें अपने आप ही बनने लगती हैं. किसी भी गाँव या शहर में पुलिस की जीप की आहट सुनते ही लोग सहम से जाते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच में एक थानेदार ऐसा भी है जिसके गांव में आते ही लोगों के चेहरों पर मुस्कान खिल जाती है. जिस वर्दी को देख कभी बच्चे डरके अपने घरों में दुबक जाते थे आज वही बच्चे इस वर्दीधारी थानेदार के गांव में आते ही थानेदार को घेर लेते हैं और उनसे ढेरों बातें करते हैं. जी हां हम बात कर रहे हैं बहराइच जिले की कोतवाली मुर्तिहा के कोतवाल राजेश यादव की जिन्होंने अपने थाना क्षेत्र के एक गांव को खुद ही गोद लिया. अब कोतवाल साहब गांव वालों के लिये सिर्फ कोतवाल नहीं बल्कि स्थानीय लोगों के संरक्षक भी हैं. लोग अब अपना हर दुख दर्द कोतवाल साहब से साझा करते हैं और कोतवाल साहब खुद ही उसका निवारण भी करते हैं.

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इस गांव को लिया गोद 

अभी कुछ समय पहले ही आईजी जोन गोरखपुर मोहित अग्रवाल ने एक निदेश जारी किया था जिसके अनुसार प्रत्येक थानेदार को एक गांव गोद लेना था. इस आदेश को जिले के किसी थानाध्यक्ष ने उतनी अहमियत नहीं दी जितनी मुर्तिहा कोतवाल राजेश यादव ने दी. आदेश पालन करते हुए उन्होंने मूर्तियां थाना अंतर्गत आने वाले गांव हरखापुर को गोद लिया. उनके गांव गोद लेने के बाद से इलाके में क्राइम डर तो कम हुआ साथ ही पुलिस और पब्लिक के बीच सम्बन्ध भी काफी मधुर हुए हैं. अब लोगों को कोई भी समस्या होती है तो इसे कोतवाल साहब खुद ही दूर करते हैं.

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रोज लोगो का लेते हैं हालचाल

गोद लिये गांव में कोतवाल साहब रोज़ शाम को आते हैं और ग्रामीणों से मिल न सिर्फ उनका हालचाल पूछते हैं बल्कि गांव की बुनियादी समस्याओं आदि पर भी लोगों से बात कर उसका हल निकालने का प्रयास करते हैं. फिलहाल उनके इस प्रयास से गांव में भी कुछ बदलाव तो होने ही लगें हैं साफ-सफाई के लिये लोगों को जागरूक करने का नतीजा है कि आज गांव साफ सुथरा होने लगा है. वहीं कोतवाल साहब का कहना है कि गोद लिये गांव में शिक्षा के लिये कोई बेहतर विद्यालय नहीं है उनकी प्राथमिकता है कि गांव में एक अच्छा स्कूल खुले जहां बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके इसके लिये उहोने यह भी कहा कि वो खुद भी समय निकाल कर बच्चों को पढ़ाने का प्रयास करेंगे. हालांकि गांव में अभी स्वास्थ्य बिजली सड़क पानी जैसी कई समस्याएं हैं लेकिन कोतवाल साहब की इस अच्छी पहल से लगता है कि क्षेत्रवासियों को कुछ तो राहत मिल ही जायेगी.

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