ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर डीजीपी का फरमान,अब एक थाने में एक साल से ज्यादा नहीं रह सकेंगे

ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर डीजीपी का फरमान,अब एक थाने में एक साल से ज्यादा नहीं रह सकेंगे

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डीजीपी का फरमानलखनऊ- उत्तर प्रदेश में नई सरकार आते ही नए-नए फैसले लिए जा रहे हैं चाहे वह कानून व्यवस्था को हो या फिर विकास के मुद्दे को लेकर हो। अभी हाल ही यूपी के डीजीपी सुलखान सिंह ने एक नया फरमान जारी किया है कि एक साल से ज्यादा तैनात पुलिसकर्मियों पर गाज गिरेगी। लेकिन अब सवाल ये उठता है कि पुलिसकर्मियों को दूसरी जगह की बारीकियों को समझनें में लगभग 6 महीना लग जाता है तो ऐसे में एक साल के अंदर पुलिसकर्मियों को इधर से उधर कर दिया जाएगा तो प्रदेश की कानून व्यवस्था कैसे बेहतर होगी।

डीजीपी सुलखान से सभी कप्तानों को जारी किया यह फरमान

डीजीपी सुलखान सिंह ने प्रदेश के सभी पुलिस कप्तानों को फरमान जारी किया है कि पिछले एक साल से जिले के सभी थानों, सीओ पेशी समेत सभी स्थानों पर पोस्टिंग पाने वाले पुलिस इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर व पुलिस कांस्टेबलों को चिह्नित करके तुरंत थाने से हटाया जाएगा। उनकी जगह अन्य इंस्पेक्टर व पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए।वहीं, अगर जिलों के एसपी की मानें तो डीजीपी के आदेश के अनुसार पिछले एक साल से तैनात सभी पुलिसकर्मियों को ट्रांसफर किया जाएगा।

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अब एक थाने पर एक साल से ज्यादा नहीं टिक सकेंगे

डीजीपी के आदेश के अनुसार पिछले एक साल से थानों में तैनात सभी पुलिसकर्मियों को हटाकर दूसरे थानों में ट्रांसफर किया जा रहा है। आपको बता दें कि इसके पहले जो ट्रांसफर पॉलिसी थी उसमें तीन साल से एक ही जगह पर तैनात पुलिसकर्मियों को इधर से उधर किया जाता था। लेकिन अब इस नई पॉलिसी से कानून व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा।

लेकिन अब बात यहीं नहीं रूकती सवाल यह उठता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सरकार और डीजीपी लगातार फैसले ले रहे हैं..लेकिन इन फैसलों से क्या कानून व्यवस्था पहले से बेहतर होगी या नहीं?

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कई पुलिसकर्मियों ने बयां किया अपना दर्द

वहीं कुछ पुलिसकर्मियों ने The Police News को नाम न बताने पर इस पर प्रतिक्रिया दी। कहा कि डीजीपी सुलखान सिंह की यह पहल अच्छी है लेकिन हम लोगों को ग्रामीण इलाकों में जब तैनाती मिलती है तो वहां की चाल और रंग को समझनें में कई महीनें लग जाते हैं तो ऐसे में ट्रांसफर का समय नजदीक आ जाएगा तो प्रदेश की कानून और लचर हो सकती है।

 

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