इस अनोखे लड़ाकू विमान की कीमत है 60 अरब रुपए, पलक झपकते ही तबाह कर देता है किसी भी देश को

इस अनोखे लड़ाकू विमान की कीमत है 60 अरब रुपए, पलक झपकते ही तबाह कर देता है किसी भी देश को

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लड़ाकू विमानकई देशों के पास ऐसे कई विमान है जो पल भर में किसी भी देश को नेस्तोनाबूत कर सकते हैं। आज आपको हम एक ऐसे ही खतरनाक लड़ाकू विमान के बारे में बताने जा रहे हैं..जिसकी कीमत लाख और करोड़ नहीं बल्कि कई अरब रूपए है।

कीमत 60 अरब रूपए

  • अमेरिकी सेना ने रिसर्च के बाद एक नायाब लड़ाकू विमान तैयार किया है।
  • अमेरिकी सेना ने कई सालों की रिसर्च के बाद यह बाम्बर तैयार किया है।
  • इस विमान में डिजाइन और तकनीक का अनोखा बेजोड़ देखनो को मिलेगा।
  • इस विमान का नाम अमेरिकी सेना ने विमान बी-2 बाम्बर रखा है।
  • अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में इस विमान की कीमत 60 अरब रूपए है।

    लड़ाकू विमानइस प्रोजेक्ट पर 1972 से चल रहा था कार्य

  • अमेरिकी सेना का यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट 1972 में शुरू हुआ था।
  • अमेरिका को इस तरह की विमा न की काफी सालों से जरूरत थी।
  • जो देश में किसी भी कोने में पल भर में कुछ भी कर सकता है।
  • यह विमान दुश्मन की रडार में आने से पहले उस पर हमला करता है।

    अमेरिकी एयरफोर्स की रीढ़ का हड्डी है यह लड़ाकू विमान

  • बी-2 बॉम्बर सीरीज के पहले विमान ने 1989 में उड़ान भरी थी।
  • तब से लेकर अब तक ये अमेरिकी एयरफोर्स की रीढ़ बने हुए हैं।
  • ये दुनिया का सबसे महंगा लड़ाकू विमान है।
  • बी2 बॉम्बर अपने साथ बंकर बस्टर बम ले जा सकता है।
  • इस बम का वजन करीव सवा दो हजार किलो होता है।
  • 69 फुट लंबा और 17 फुट ऊंचे इस विमान के डैनों की लंबाई 172 फुट है।
  • ये बम 30 फीट मोटी चट्टान को पलक झपकते रेत में तब्दील कर सकता है।
  • एक विमान 900 किलो वजन वाले 16 सैटेलाइट गाइडेड बम ले जा सकता है।
  • 40 हजार फुट की ऊंचाई पर इसकी अधिकतम रफ्तार 1 हजार किलोमीटर प्रति घंटा होती है।

ईधन खत्म होने पर अपने आप भर लेता है

  • B-2 बाम्बर घंटों तक लगातार हवा में रहकर हवाई हमलों को अंजाम देता है।
  • इस दौरान उसमें ईंधन की कमी हुई तो हवा में ईंधन भरने की भी सुविधा है।
  • अमेरिका पहले भी कई बार बी-2 लड़ाकू वि मानों का इस्तेमाल कर चुका है।
  • सबसे पहले कोसोवो और सर्बिया युद्ध में इन विमानों का इस्तेमाल किया था।
  • अफगानिस्तान में भी इन विमानों का कई बार इस्तेमाल किया जा चुका है।
  • दुनिया के सबसे लंबे हवाई हमले का रिकॉर्ड भी बी 2 विमान के नाम है।

    लड़ाकू विमानदुश्मन के रडार से बचने के लिए खास तकनीकि

  • दुश्मन के रडार से बचाने के लिए बी-2 में दो खास तरकीबों का इस्तेमाल किया गया है।
  • पहली है इसकी रडार एब्जॉर्बेंट सर्फेस यानी रडार को सोखने वाली बाहरी सतह।
  • रडार में इस्तेमाल होने वाली रेडियो तरंगे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक होती हैं।
  • बी2 स्टील्थ बॉम्बर की बाहरी सतह पर ऐसे मैटेरियल्स और पेंट का इस्तेमाल किया गया है

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